
देवास। महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल ने शहर एवं निगम हित के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र के माध्यम से अनूरोध करते हुए देवास के विकास हेतु पत्र देते हुए विभिन्न मांग की गई अपनी जनहित की आग्रह मांग पत्र मुख्यमंत्री के देवास आगमन पर दिया। महापौर ने बताया कि देवास विकास के लिए एवं निगम मे कार्यप्रणाली के ओर ज्यादा सुधार के लिए तथा निगम से सुचारू रूप से कार्य हो सके तथा शहर मे मध्यम आय वर्ग वाले नागरिको, रहवासियों की अपने घरो की समस्या के निदान के लिए माननीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विनम्र अनूरोध के साथ एनव्हीडीए द्वारा नगर निगम देवास को जो पेयजल उपलब्ध होता है। उपलब्ध पेयजल की दर औद्योगिक क्षेत्र देवास को दिये जाने वाले पानी की दर से अधिक है। मुख्यमंत्री जी से अनूरोध करते हुए नगर निगम एवं औद्योगिक क्षेत्र को एनव्हीडीए से दिये जाने वाले पानी की दरों को समान रूप से किये जाने के निर्देश एवं नगर निगम देवास पर एनव्हीडीए द्वारा जो अधिभार लगाया गया है उसे माफ करने के भी निर्देश दिये जाने का आग्रह किया साथ ही नगर निगम मे उपायुक्त, सहयक आयुक्त, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री, स्वास्थ्य अधिकारी के रिक्त पदों पर पूर्ति किये जाने के साथ ही राजपत्र मे प्रकाशित आश्रय निधि जो निगमो के पास जमा रहती है उसमे संशोधन करते हुए आश्रय निधि मद मे जमा राशि होने से तथा जमा राशि के मद मे प्रतिबंधन होने से उक्त राशि का उपयोग नही होने से प्रतिबंध मुक्त किये जाने के साथ ही शासन स्तर से मिलने वाला मुद्रांश शुल्क, मूलभूत चुंगी क्षतिपूर्ति राशि इत्यादी समय पर पात्रता अनुसार मिल सके जिससे निगम के कार्य सुचारू रूपे से हो सकें के आग्रह के साथ स्टांप ड्युटी की शेष राशि राज्य शासन से अप्राप्त है जिसे दिये जाने के निवेदन के साथ नगर निगम सीमा क्षेत्र के अन्दर जो पैकी के प्लाट हैं। उन पैकी के प्लाटों पर मध्यम वर्गीय नागरिकगणों को भवन बनाने की अनुमति विधिवत मिल सके, की व्यवस्था शासन स्तर से भवन अनुज्ञा का लाभ पैकी के प्लाट पर मिल सके, की व्यवस्था किये जाने के साथ ही उपारोक्तनुसार विषयों पर नगर निगम देवास की वित्तीय एवं भौतिक स्थिती को दृष्टिगत रखते हुए विचार कर कार्यवाही करने बाबद आदेश प्रदान किये जाने हेतु विनम्र आग्रह पत्र मुख्यमंत्री को समक्ष मे दिया गया।



